Saturday, September 23, 2017

करवट

Image Source: Business Insider

दुनिया के दौड़ धूप में बदलती करवट,
हर आहट पे घबराती करवट,
कुछ कर गुजरने की चाह में बदलती करवट,
रातों के कई अनकहे लब्ज़ों को समझती करवट |

सुनते है सभी, कहते है सभी,
अकेलेपन की साथी है करवट | 

कुछ लोगों का हमराही और 
कुछ लोगो की किस्मत है करवट,
पर ना जाने हर किसी की परिभाषा से परे है ,
सुकून के आँचल मैं ढूंढ रही वो उलझी सुबह सी है ,
न चल के भी साथ चलने का वादा करने जैसे एक दोस्त सी है | 

टूटे को सहारा देने की चाह है, 
किसी प्रेमी की बाहों में रहने का बहाना है| 

माँ की गोदी का सहारा है, 
बहनो भाइयो के लड़ने का रास्ता है, 
पापा के पास आके चुपके से सो जाना का किस्सा है, 
किसी राहगीर के लिए धुप, बारिश, और ठण्ड से बचने का आशियाना है | 

हर पहर साथ की नयी परिभाषा है करवट 
आप और हमसे कई ज्यादा भावनाओं को समझने की मिसाल है ये करवट 

दुनिया के दौड़ धूप में बदलती है तो बस ये करवट,
हर आहट पे घबराती और सकुचाती है बस ये करवट| 

Thursday, July 27, 2017

What if you need to use a product to introduce yourself?




Recently, I was interviewed by a firm where they asked me to choose a product to introduce myself. Weird as it sounds, it was actually more interesting to perform. For my better understanding and to keep it simple, I chose Eyeliner.

As we all know that Eyeliners are known for Striking color, Giving Bold Look, Long Lasting appearance and it has Brush as a tool to apply. Similarly, I tried to portray my persona with the qualities this product has.

Below is the summary of what I thought, if you have any feedback please do share:

"When we talk about its Striking black color, it gives your eyes a look of attention demanding, the color black signifies the power, strength and elegance with itself and so am I as an individual. Whatever in my life I have achieved or ups and down I came across I always had that inner strength which helped me to succeed and grow stronger. 

As an example I can relate when I was interning in Singapore with a firm, they offered me a full time role but it took about 5 months visa to process due to internal issues within the organization. Rather than crying or thinking about its repercussion’s I did freelance work to gain experience and understand more about Marketing.  This not only gave me strength but also bold nature to face adversities and happiness with both hands just like Eyeliner which gives bold look.

To add Eyeliner main quality is that it gives a long lasting and long wearing look which helps you to look same and always on your mark all the time. I can relate this quality of Eyeliner with dependability as any organization or group or family I have worked with they always used to believe in me that the work assigned will be done on time no matter how hard it will be, there will be a possible solution which I will find our either by myself or consulting others.

To quote an instance once with my former organization Accenture – my Boss had to go on sudden leave of 1 month and we had a deliverable to be presented to client. I had little idea of what needs to be done, rather than panicking in this situation, I learnt the process which needs to be done and with the help of seniors successfully delivered the expected outcome of the project.

Last but not the least the brush is the tool of eyeliner without which its other qualities will not be able to reach out to masses and that tool which helps all my qualities to reach out to you is research ability and confidence. I believe whatever is presented in view of others needs to be well researched and to be present with sheer confidence to leave impact. This is my tool which I always carry with me with smile."





Thursday, July 13, 2017

गीला शीशा



Source: Cambellrivermirror

उसने झाँखा मेरे अंदर कह के की तेरा ही साया हूँ,
क्या उसने देख लिया वो सच जिससे मैं घबराया हूँ |

चलता था हिरणी जैसे कभी ये मेरा मन,
लेकिन धुंदला गया सब कुछ जब से खोया मेरा बचपन | 

गीले शीशे की तरह हर कोना मेरा ओझिल सा है ,
कोई इस धुंद को हटा दे मन ऐसा मैला क्यों कुटा कुटा है |

किसी कोने से वोही राहगीर अपने साथ लिए कुछ लाया था ,
जिसने कहके मैं हूँ तेरा साया मेरे अंदर के डर को भांपा था |

लोगों की गुफ्तुगू से पता लगा 
वो गीले शीशे को सुखाने की चाह मे बहुत दूर से आया है |

लेकिन उसके झोले मे छुपे न जाने है कैसे यन्त्र,
ये सोच के मेरा मन घबराया; 

मैं एक पल रुका,सोचा भाग चलता हूँ,
या टूट के चकनाचूर हो जाऊ ये भी मुमकिन कर सकता हूँ |

न उसे पता चलेगा इसके पीछे की सच्चाई ,
और न मैं होऊंगा खुद के सच से रूबरू, जो शर्मसार कर देगा मुझे दर बदर 
हो सकता है ये देख के वो न पोंछे मेरे बिखरे आंसू ,
समेट ले अपने बस्ते को और चल पड़े आगे कही किसी ओर |

हर कोई अपनी इस गीले शीशे की परछाई से क्यों भागता है ,
जब कोई उसे हटाने आये तो उससे ही क्यों घबराता है ?

सच क्या इतना मुश्किल 
या झूठ इतना शक्तिशाली है? 
क्या ये ऐसी ऊर्जा है जिसने सूरज की रौशनी भी धुंदली कर डाली है ?

हर किसी का साया आज एक गीला शीशा है ,
पूरी तरह बेरंग और ओझिल अस्तितत्व से कई दूर |

क्यों न हम वो राहगीर बन जाये ,
चलो सबसे पहले खुद की ही मदद करे और इस शीशे से ये पर्दा हटाए |

नया उजाला नया सवेरा लेके आये ,
कुछ रंग भरे सबके जीवन मे ,
इस गीले शीशे को भी मुस्कुराना सिखाये | 
इस गीले शीशे को भी मुस्कुराना सिखाये | 






Tuesday, July 11, 2017

बेटियाँ




राह तकती निगहाओं से पास बुला लेती है ये बेटियां 
रोशन करके ये जहाँ सब कुछ भुला देती है
अस्तित्व से जुडकर हमे बड़ा बनाती है
पर खुद क्या है सबसे छुपा लेती है |   

कुछ दूर चल कर जब मैं थक जाता हूँ 
पानी की तरह शीतल कर जाती है ये मन 
ऐ खुदा क्या खूब बनाई है तूने भी ये बेटियां 
जैसे किसी राहगीर को मिला हो पानी से ही जीवन  |  

जब नन्हे पैरों तले वो मेरे घर पे आई थी 
मोहल्ले मे जशन की तोपे चलाई थी 
आज जब बारी आई उसे विदा करने की 
क्यों आँखें है मेरी नम   |  

ऐ खुदा क्या खूब बनाई है तूने भी ये बेटियां 
लगती खुदा की भेजी हुई मरहम  |  

पिता हूँ चाहे मैं पर माँ का प्यार भी देना चाहूँ 
जहाँ भी जाये वो उसके संग हर ख़ुशी न्योछावर कर दू 
दूर नहीं होती कभी ये बेटियां 
ऐ खुदा क्या खूब बनाई है तूने भी ये बेटियां  |  

माँ जैसा शीतल मन, बहन जैसा प्यार 
उसकी हर बात पे याद आ जाता है हर रिश्ता हर बार 
कहती है पापा क्या सोच रहे हो इतना 
क्यों न सोचु मैं भी आखिर हूँ तो तेरा पिता  |  

कई शायर गायक कवी इस रिश्ते के बारे मे लिखते है 
इसके गहराई को समझे ऐसे कम ग़ालिब यहाँ रहते है  |  

शुक्रगुज़ार हूँ तेरे इस प्यार का 
जिसने मुझे एक इंसान से पिता बनाया 
चलती हुई मेरी ज़िन्दगी मे एक ठहराया लाया 
वो ठंडी हवा का झोखा है तू जो हमेशा मुझे याद रहता है 
चाहें कितना भी दूर हो तू 
ये रिश्ता हमेशा बहुत खास होता है  |  

ऐ खुदा क्या खूब बनाई है तूने भी ये बेटियां
भूल जाऊ चाहे सब कुछ 
पर ये हमेशा याद रहेगा 
मेरा अंश है तू 
तुझसे ही मेरा संसार चलेगा | 

ऐ खुदा क्या खूब बनाई है तूने भी ये बेटियां
हर रिश्ते को नये मायने देकर भी मुझसे दूर न हो कभी मेरी बेटियां | 



Tuesday, January 3, 2017

कोई मेरे तकिये से पूछे


Image result for dream pillow
Source: Dream

कोई मेरे तकिये से पूछे मैंने तुम्हे कितना याद किआ,
सांझ सवेरा कट तो गये , पर रातों को कैसे मैंने अपना किआ | 

करवटें बदली , दिन बदले,
पर तेरी खबर न आई ,
हर आँसू का एक सहारा बन इस तकिये ने मुझे नींद दिलाई | 

सुबह उठी तो तकिया रात भर की कहानी बता जाता था ,
नम होता था यादों से फिर भी कुछ बहाना बना जाता था  | 

कोई मेरे तकिये से पूछे मैंने तुम्हे कितना याद किआ,
सांझ सवेरा कट तो गये , पर रातों को कैसे मैंने अपना किआ | 

चंचल यादें जो मन को गुदगुदाएं उसकी खिड़की हर बार बनाता था,
कोशिश करता था एक मुसकुराहट लाने की पर फिर भी मीठी यादो से आँखें नम कर जाता था |

सुबह की मदहोश चादर ओढ़े दबे पाओ उठाता था ,
मेरा तकिया मेरा साथी बनकर तुम्हरी याद दिलाता था | 

उसके इस प्यार को शुक्रिया कहना भी कम है ,
लेकिन उसके इस उपकार के मायने भी न कम है | 

कोई उससे पूछो इन यादों को कैसे उसने समझा है,
एक ना जीने वाली वस्तु ने तुमसे मिलने की चाह को आज तक कैसे संजोये रखा है | 

ये निशानी है मेरी यादो की , तन्हाइयो की और एहसासों की 
बस तुम अब इस तकिये से जानो मैंने तुम्हरा कितना इंतज़ार है किआ,
सांझ सवेरा कट तो गये , पर रातों को कैसे मैंने अपना किआ | 


Monday, January 2, 2017

From XS to Plus Size



Since last year, I have been reading various articles suggesting how to grow your business. But I realized every idea had a limitation and an advantage, so how do you decide what is correct and what is not for you depend upon your Decision Making Skill to a larger extent at the end. Many of you will disagree with me on my point of view towards the same and that's what the ideas and implementation all about.

I have been working with a startup for 2 years now. When I joined, I used to think working on my Sale Lead Generation will help company to grow from XS profit figures to plus size. But until I realized, its a domino effect, your only focus on one aspect of Business effects the rest of Business. To grow, you can't keep on focusing on one window. Its a series of steps to be considered and in return its a recurring cycle where each and every step requires nurture and time to time support.

From Employee to sales to profit to continuous growth in different countries, every step requires detailed focus and implementation of ideas. If you will put faith in your Employees and let them work on their business aspect, the way they want with a minimal interference, you will be amazed to see the flow of ideas and its implementation. Rather then just working on Profit figures, its more important to work on the process to reach there. Online or Offline, both process needs to be tried and tested depending upon your market needs and budget.

Trying to limit you undue expenditure from Plus Size to XS and investing more in the growth can surely help you to achieve what you want to.